कृष्ण की नगरी में बोले सीएम मोहन: ‘कृष्ण से जुड़ी हर याद को संजोएगी सरकार’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मध्य प्रदेश सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी यादों को संरक्षित करने और उनसे जुड़े स्थलों को धार्मिक तीर्थों के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है। वृंदावन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक अनुकूल समय से गुजर रहा है, जहां राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं और वैश्विक मंच पर भारत का सम्मान बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने वृंदावन की पवित्र भूमि पर पहुंचकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने विशाल दृष्टिकोण और गरीबों के प्रति दयालुता की शिक्षा दी थी। मध्य प्रदेश की धरती भगवान कृष्ण के जीवन के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों से जुड़ी है, जैसे उज्जैन में सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा, सुदामा से उनकी मित्रता, रुक्मिणी से उनका विवाह, और भगवान परशुराम से सुदर्शन चक्र की प्राप्ति। इन सब कारणों से मध्य प्रदेश भी ‘गौकुल’ जैसा आनंद प्रदान करता है।
वृंदावन यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केशव नगर स्थित साध्वी सरस्वती दीदी की श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण किया और उनका आशीर्वाद लिया। साध्वी सरस्वती दीदी ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गौवंश के संरक्षण, कृष्ण पाथेय के विकास, वैदिक घड़ी की स्थापना और युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर, साध्वी सरस्वती फाउंडेशन, वृंदावन की ओर से सैनिक सहायता कोष के लिए 11 लाख रुपए का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा गया। मुख्यमंत्री ने इसमें मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 11 लाख रुपए और जोड़कर कुल 22 लाख रुपए का योगदान करने की घोषणा की।


