बालाघाट में युवाओं को मिला रोजगार: मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति-पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लगभग 4,000 युवाओं को रोजगार के लिए नियुक्ति-पत्र सौंपे। इनमें से लगभग 1,000 युवतियों को बेंगलुरु की कंपनियों में नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के विशेष दस्ते में भी 850 युवाओं को नियुक्ति-पत्र दिए, जो कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलने से उनका और उनके परिवारों का भविष्य सुधरेगा, साथ ही यह नक्सलवाद जैसी चुनौती को समाप्त करने में भी सहायक होगा। यह कार्यक्रम बालाघाट की कटंगी तहसील में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, कंपनी प्रतिनिधि और उनके परिजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर, कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 20 से 22 सितंबर तक बालाघाट के सांदीपनि विद्यालय में एक रोजगार महोत्सव का आयोजन करवाया था। इस महोत्सव में लगभग 5,000 युवाओं की भर्ती का लक्ष्य था। सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी विभागों की मदद से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से युवाओं को इस महोत्सव में लाया गया। इस आयोजन में टाटा मोटर्स, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, एमआरएफ, क्यूमयुईएसएस बेंगलुरु, एल एंड टी, सीआईआई छिंदवाड़ा और रेमंड जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने 10वीं पास, 12वीं पास और आईटीआई डिप्लोमा धारकों समेत 2,734 युवाओं का साक्षात्कार लिया। चयनित युवाओं में 1,889 युवक और 845 युवतियाँ शामिल हैं।
पुलिस ने भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को नौकरी देने के लिए एक विशेष शिविर लगाया था, जिसमें एल एंड टी कंपनी ने 500 युवाओं का चयन किया। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन द्वारा पहले आयोजित किए गए रोजगार मेलों में भी 500 युवाओं को नौकरी मिली थी। इस तरह, बालाघाट के ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के कुल 3,734 युवाओं को देश की प्रसिद्ध कंपनियों में रोजगार मिला है।


