रीवा एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू: एक सपना हुआ साकार

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की उस बात को कभी ‘जुमला’ बताने वाले विरोधियों को आज रीवा आकर देखना चाहिए कि कैसे आम नागरिक को हवाई यात्रा कराने का सपना सच हुआ है।
- ऐतिहासिक दिन: 10 नवंबर 2025 को रीवा से ATR 72 वायुयान दिल्ली के लिए पहली उड़ान भरेगा।
- विकास का साक्षी: उड्डयन मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक इस विंध्य के विकास के ‘मंगलाचरण’ के गवाह बनेंगे।
- अगले चरण: रीवा जल्द ही इंदौर से जुड़ेगा, और फिर मुंबई, पुणे, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू होंगी। भविष्य में एयरबस के लिए रनवे का विस्तार किया जाएगा।
- पृष्ठभूमि:
- 9 सितंबर 2024: DGCA ने 72 सीटर विमान के लिए लाइसेंस जारी किया।
- 20 अक्टूबर 2024: प्रधानमंत्री जी ने रीवा एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया।
- 15 फरवरी 2023: तत्कालीन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान ने आधारशिला रखी थी।
- विंध्य का भविष्य: रीवा उत्तर-मध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयर ट्रैफिक डेस्टिनेशन बनने की राह पर है।
- 5 वर्षों में: रीवा एयरपोर्ट बोइंग की लैंडिंग और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार होगा।
- निवेश और पर्यटन: यह पावर, माइनिंग, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग और शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्रों में निवेश के अवसर खोलेगा।
- कनेक्टिविटी और उद्योग:
- सिंगरौली का 20,000 मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन वाला पावर कॉम्प्लेक्स पास है।
- 225 किमी के दायरे में 29 बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ हैं, जिनके अधिकारियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
- पर्यटन: बांधवगढ़/पन्ना के बाघ, 750 मेगावाट का सोलर कॉम्प्लेक्स, चित्रकूट, मैहर, और बाणसागर का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों के लिए सुगम होगा।
- पूर्व की उपेक्षा: 1956 तक विंध्य प्रदेश की राजधानी रहा रीवा, 1956 से 2004 तक कांग्रेस सरकार की राजनीतिक द्वेष के कारण उपेक्षित रहा।
- वर्तमान नेतृत्व: केंद्र में मोदी जी और प्रदेश में मोहन यादव जी (एवं पूर्व में शिवराज जी) के नेतृत्व में रीवा आज समुन्नत और श्रेष्ठ महानगरों की श्रेणी में शामिल हो रहा है।



