भोपाल में ‘डल झील का अहसास’: मुख्यमंत्री ने 20 आधुनिक शिकारों का किया लोकार्पण

राजा भोज की नगरी भोपाल में अब जल-पर्यटन को एक नई उड़ान मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए, भोपाल में पर्यटन को बढ़ाने पर ज़ोर दिया।
शिकारा सेवा की मुख्य विशेषताएं:
-
ऐतिहासिक पहल: लगभग 1000 साल पुराने बड़े तालाब में ‘शिकारा नाव’ सेवा का शुभारंभ।
-
संख्या: कुल 20 नवीन शिकारों को शुरू किया गया।
-
पर्यटकों के लिए: आरामदायक बैठक, खान-पान की सुविधाएँ, और स्वदेशी उत्पादों (हैंडीक्राफ्ट, स्थानीय व्यंजन, जैविक उत्पाद) की खरीद का विकल्प।
-
प्रदूषण मुक्त निर्माण: सभी 20 शिकारे फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से बने हैं, जो तालाब के जल की शुद्धता और पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखेंगे।
-
दूरदर्शिता: मुख्यमंत्री ने कहा, यह सेवा जल-पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।
-
रोजगार: विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की बात कही।
-
वैज्ञानिक पर्यटन: आंचलिक विज्ञान केंद्र द्वारा बोट क्लब पर टेलीस्कोप की व्यवस्था की गई, जिससे मुख्यमंत्री ने अतिथियों के साथ सूर्य के दर्शन भी किए।
नेताओं की प्रतिक्रिया:
-
नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार: “मुख्यमंत्री डॉ. यादव डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आए हैं।”
-
हरियाणा वि.स. अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण: “भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है… बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है।”
-
विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल: “प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा।”
अन्य पर्यटन सफलता: मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पर्यटन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई है।



