मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया ‘यशोदा मैया’: कुपोषण मुक्त प्रदेश की दिलाई शपथ

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का बोध कराते हुए उन्हें ‘यशोदा मैया’ की उपमा दी। शुक्रवार को विधानसभा के समिति कक्ष में पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया से नियुक्त इन कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार यशोदा जी ने गोपाल कृष्ण का पालन पोषण कर उन्हें संस्कार दिए, उसी तरह आप भी आंगनवाड़ी आने वाले हर बच्चे की देखभाल श्रीकृष्ण की तरह करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र केवल एक कागज नहीं है, बल्कि बच्चों की मुस्कुराहट, पोषण और माताओं के स्वास्थ्य व सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने का ‘वचन पत्र’ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये बहनें पूर्ण समर्पण से दायित्व निभाकर कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में प्रदेश को विजय दिलाएंगी।

गाँव की पहली गुरु और पोषण दूत: डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘गाँव की पहली गुरु और पहली पोषण दूत’ बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से लाखों बच्चों में कुपोषण कम हो रहा है, गर्भवती माताओं में जागरूकता बढ़ रही है, और स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि आज भी गांवों में आंगनवाड़ी दीदी को परिवार के सदस्य जैसा सम्मान मिलता है।

महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने इस अवसर पर जानकारी दी कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने आंगनवाड़ी स्तर पर भर्ती के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई है। अब तक 1091 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 10,984 सहायिकाओं की नियुक्ति के आदेश जारी हो चुके हैं, और शेष पद भरने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

कार्यक्रम में विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस ने नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को ‘विकसित मध्यप्रदेश@2047’ और ‘सुपोषित मध्यप्रदेश’ के निर्माण में पूर्ण निष्ठा से योगदान देने की शपथ दिलाई।

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