पीएम मोदी और अमित शाह के संकल्प से MP बना नक्सल मुक्त; 42 दिन में 42 नक्सलियों ने किया सरेंडर

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में चलाए गए अद्भुत एवं ऐतिहासिक अभियान के कारण मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद की समस्या से पूरी तरह से मुक्त हो गया है। उन्होंने घोषणा की कि 11 दिसंबर को मध्य प्रदेश की धरती से ‘लाल सलाम’ को आखिरी सलाम कर दिया गया है, जो एक स्वर्णिम अध्याय है।
गुरुवार को भोपाल से वर्चुअल रूप से जुड़े मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में, बालाघाट में सक्रिय आखिरी दो नक्सलियों, दीपक उइके और रोहित ने आत्मसमर्पण कर दिया।
नक्सलवाद समाप्ति की समय-सीमा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार समेकित रूप से माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाकर केंद्रीय नेतृत्व ने 26 जनवरी 2026 तक देश से नक्सलवाद की समाप्ति का दृढ़ संकल्प लिया है।
MMC ज़ोन का रिकॉर्ड
उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान की सफलता बताते हुए कहा कि केवल 42 दिनों में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ (MMC) ज़ोन में ₹7 करोड़ 75 लाख के इनामी 42 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
वर्ष 2025 की खास उपलब्धि:
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10 नक्सलियों को मार गिराया गया।
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विगत 21 वर्षों में सर्वाधिक 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
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प्रदेश में सक्रिय सभी नक्सली कैडर ध्वस्त।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की बाधा समाप्त होने से मंडला, डिंडोरी और बालाघाट जैसे ज़िलों के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने इस अभियान में शहीद हुए 38 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को श्रद्धांजलि दी और सशस्त्र बलों, पुलिस तथा प्रशासन को हार्दिक बधाई दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को ‘सरेंडर पॉलिसी’ के तहत पुनर्वासित कर सुरक्षित नवजीवन प्रदान किया जाएगा।



