इंदौर के विकास को मिली नई गति: मेट्रो भूमिगत होगी, मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का विस्तार और ₹900 करोड़ का भार उठाएगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इंदौर के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें अधोसंरचनात्मक विकास के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बैठक इंदौर के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

प्रमुख निर्णय:

  • मेट्रो परियोजना: इंदौर मेट्रो के मुख्य हिस्से को पूरी तरह भूमिगत करने का निर्णय लिया गया। राज्य सरकार इस अतिरिक्त लागत (लगभग ₹800-900 करोड़) का वहन करेगी ताकि यातायात प्रबंधन बेहतर हो और जनता को अधिकतम लाभ मिले।

  • एलिवेटेड कॉरिडोर: शहर के यातायात के स्थायी समाधान के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया गया। इसकी अंतिम डिज़ाइन तय करने के लिए तकनीकी और जनप्रतिनिधियों की बैठक जल्द होगी।

  • मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का विस्तार: इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का विस्तार कर इसे 14,000 वर्ग किलोमीटर में विकसित किया जाएगा, जिसमें उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, बदनावर और शाजापुर-मक्सी जैसे क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा, जिससे इंदौर एक बड़ा व्यापार-उद्योग-पर्यटन हब बन सके।

  • स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर: MR-10 के पास ₹550-600 करोड़ की लागत से एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर (3 वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य) स्थापित होगा, जो इंदौर को इनोवेशन सेंटर बनाएगा।

  • हुकुमचंद मिल परियोजना: मिल की $17.5$ हेक्टेयर भूमि के विकास का कार्य जल्द शुरू होगा, जिसे देश के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।

  • आधारभूत संरचना: पश्चिमी (68 किमी) और पूर्वी (83.63 किमी) बायपास का निर्माण शीघ्र शुरू किया जाएगा। साथ ही, इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को गति देने का निर्णय लिया गया।

  • स्मार्ट सिटी और आवास: मार्च से 270 ई-बसें शहर में चलना शुरू होंगी। इसके अलावा, जनसहभागिता आधारित 60 हज़ार कैमरों का स्मार्ट सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित होगा। आगामी तीन वर्षों में डेढ़ लाख घर बनाकर स्लम-फ्री इंदौर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास की दिशा में बदनावर का पीएम मित्रा पार्क मील का पत्थर साबित होगा और उन्होंने रोजगार देने वाले विश्वविद्यालय स्थापित करने पर भी ज़ोर दिया। बैठक में मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद, महापौर और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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