“कोरोना काल में दुनिया ने देखी आयुर्वेद की ताकत” – मुख्यमंत्री ने की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की सराहना

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी प्रकृति में ही हर बीमारी का समाधान छिपा है। उन्होंने कहा कि जहाँ बीमारी जन्म लेती है, उसके 20-25 किमी के दायरे में ही उसकी दवा वनस्पति के रूप में उपलब्ध होती है।
प्रमुख अंश:
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आयुर्वेद की शक्ति: मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद नब्ज देखकर बीमारी पहचानने वाली अद्भुत पद्धति है। पतंजलि योग शास्त्र के ‘पांच प्राण’ हमारी आंतरिक शक्ति का आधार हैं।
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मिश्रित चिकित्सा: सरकार केवल एलोपैथी ही नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी कॉलेजों की संख्या भी बढ़ा रही है।
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एकजुट प्रयास: डॉ. यादव ने डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे सशक्त और निरोगी राष्ट्र के निर्माण के लिए एकजुट हों। सम्मेलन में शासकीय और निजी कॉलेजों के 2000 से अधिक चिकित्सा छात्र शामिल हुए।



