भोपाल में क्षेत्रीय शहरी विकास मंत्रियों की बैठक: मुख्य बिंदु और निर्णय

भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित बैठक में शहरी अधोसंरचना के विकास पर गहन मंथन हुआ। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र एक ‘सपोर्टिंग सिस्टम’ है, लेकिन ठोस प्रयास राज्यों को ही करने होंगे। बैठक में अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शहरी परिवहन (ई-बस सेवा) पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेष रूप से, अमृत 2.0 के अधूरे कार्यों और अमृत 3.0 की आगामी योजनाओं पर विचार किया गया। केंद्र सरकार ने सुझाव दिया कि पानी की टेस्टिंग जैसे कार्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खराब प्रदर्शन करने वाले 40 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की भी जानकारी दी गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, यूपी और राजस्थान के मंत्रियों सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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लक्ष्य 2047: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के अनुसार, भविष्य की 50% शहरी आबादी को देखते हुए अभी से शहरी नियोजन जरूरी है।
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बजट उपयोग: राज्यों को विकास कार्यों के लिए आवंटित केंद्रीय बजट का समय पर इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए।
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आवास योजना: पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत निर्मित मकानों के त्वरित आवंटन और सुरक्षा की गारंटी पर जोर दिया गया।
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मध्य प्रदेश की प्रगति: राज्य में 9.46 लाख आवासों में से 8.79 लाख पूर्ण हो चुके हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए किफायती आवास बनाए जा रहे हैं।
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पर्यावरण और स्वच्छता: नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प और प्रदेश में 9 नए सीएनजी प्लांट लगाने की योजना पर चर्चा हुई।
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ई-बस और मेट्रो: मेट्रो नेटवर्क के लिए डीपीआर बनाने और ई-बस चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण में तेजी लाने की बात कही गई।



