रातापानी अभ्यारण्य अब डॉ. वाकणकर के नाम पर; मुख्यमंत्री ने की उज्जैन में भव्य ‘महाकाल महोत्सव’ की घोषणा

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मध्य प्रदेश सरकार महान इतिहासदृष्टा डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की स्मृतियों को संजोने के लिए रातापानी अभ्यारण्य का नाम उनके नाम पर रख रही है। साथ ही, उज्जैन के संग्रहालय को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा ताकि डॉ. वाकणकर द्वारा खोजी गई ऐतिहासिक वस्तुओं का संरक्षण हो सके।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आगामी सांस्कृतिक आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया कि:
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महाकाल महोत्सव: उज्जैन में 14 जनवरी से भव्य महाकाल महोत्सव की शुरुआत की जाएगी।
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पुरातत्व संरक्षण: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के आस्था केंद्रों और पुरातत्व स्थलों का पुनरुद्धार हो रहा है, जिसका उदाहरण सोमनाथ मंदिर का गौरवशाली स्वरूप है।
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सांस्कृतिक जुगलबंदी: समारोह में डॉ. वाकणकर द्वारा रचित कविता ‘इतिहास के पटल पर’ की प्रस्तुति सितार वादक स्मिता नागदेव और कवि राहुल शर्मा ने राग बैरागी भैरव में दी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपनी प्राचीन विरासत को सहेजते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।



