पीयूष गोयल की ब्रुसेल्स यात्रा संपन्न: भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर 5 बड़ी बातें

ब्रुसेल्स में हाल ही में संपन्न हुई भारत-यूरोपीय संघ की बैठकें दोनों क्षेत्रों के बीच गहरे होते आर्थिक संबंधों की परिचायक हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की इस यात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों पक्ष एक ‘निष्पक्ष, संतुलित और महत्वाकांक्षी’ समझौते के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
वार्ता के दौरान प्रमुख रूप से वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच (Market Access), उत्पत्ति के नियम (Rules of Origin) और सेवाओं के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री पीयूष गोयल और आयुक्त मारोस शेफकोविच ने इस बात पर सहमति जताई कि एक आधुनिक और व्यापक समझौता दोनों पक्षों की आर्थिक प्राथमिकताओं के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह यात्रा ब्रुसेल्स में एक सप्ताह से चल रही गहन कूटनीतिक और तकनीकी बैठकों का समापन थी। अधिकारियों के स्तर पर मतभेदों को कम करने के प्रयासों के बाद, अब गेंद राजनीतिक नेतृत्व के पाले में है, जहाँ दोनों पक्षों ने इस ऐतिहासिक समझौते को जल्द संपन्न करने का नया संकल्प व्यक्त किया है।
पीयूष गोयल की ब्रुसेल्स यात्रा संपन्न: भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर 5 बड़ी बातें
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सफल वार्ता: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 8-9 जनवरी 2026 को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के आयुक्त मारोस शेफकोविच के साथ रणनीतिक बैठक की।
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समझौते का लक्ष्य: वार्ता का मुख्य केंद्र भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को तेजी से पूरा करना और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत बनाना रहा।
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प्रमुख क्षेत्र: चर्चा में वस्तुओं की बाजार तक पहुंच, सेवाओं का व्यापार और उत्पत्ति के नियमों (Rules of Origin) जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर गौर किया गया।
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तैयारी का स्तर: मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले 6-7 जनवरी को वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल और यूरोपीय आयोग के महानिदेशक के बीच तकनीकी चर्चा हुई थी ताकि मतभेदों को न्यूनतम किया जा सके।
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भविष्य का विजन: दोनों पक्षों ने एक ऐसे व्यापार ढांचे के प्रति विश्वास जताया है जो नियम-आधारित हो और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी साबित हो।



