नीलकंठेश्वर महादेव की धरती से मुख्यमंत्री ने दिया ‘सोमनाथ स्वाभिमान’ का संदेश

विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदिशा के उदयपुर स्थित प्राचीन नीलकंठेश्वर मंदिर के दर्शन कर भारत की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संकल्प दोहराया। खजुराहो शैली की उत्कृष्ट नक्काशी और गणितीय-खगोलीय विज्ञान के बेजोड़ संगम वाले इस मंदिर की भव्यता देख मुख्यमंत्री ने इसे शोधकर्ताओं और जिज्ञासुओं के लिए ‘ज्ञान का मंदिर’ बनाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि वर्ष 1026 में सोमनाथ पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष और मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष 2026 में पूरे हो रहे हैं। उन्होंने इसे भारत की सहनशीलता और निरंतरता का प्रतीक बताया। डॉ. यादव ने जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से अतीत के गौरव को भविष्य की दृष्टि से जोड़कर देश को मजबूत किया जा रहा है। इस दौरान पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल सहित कई स्थानीय विधायक और सांसद भी उपस्थित रहे।



