खुरई प्रवास के मुख्य अंश: मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं और आगामी विकास योजनाएं

बुंदेलखंड की वीर भूमि खुरई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं था। 6 किलोमीटर लंबे भव्य रोड शो में जहाँ एक ओर लाड़ली बहनों ने कलश रखकर मुख्यमंत्री की आरती उतारी, वहीं दूसरी ओर बुंदेली संस्कृति के प्रतीक राई नृत्य, दिवारी और दुलदुल घोड़ी ने समां बांध दिया। मुख्यमंत्री ने इस स्नेह के प्रति आभार जताते हुए घोषणा की कि मध्य प्रदेश में भगवान कृष्ण के चरण जहाँ-जहाँ पड़े, उन सभी स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1500 रुपये की मासिक सहायता और ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बुंदेलखंड को स्थापत्य कला का केंद्र बताते हुए केन-बेतवा लिंक परियोजना को क्षेत्र की समृद्धि का द्वार बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खुरई दौरे की प्रमुख बातें और घोषणाएं:
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बजट और निर्माण: 312 करोड़ रुपये के 86 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन।
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सड़क और सिंचाई: 500 करोड़ की लागत से राहतगढ़-खुरई रोड का निर्माण और 429 करोड़ की बीना नदी परियोजना से 90 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई।
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शिक्षा और खेल: खुरई कृषि महाविद्यालय के लिए 25 करोड़ रुपये, खुरई में नया आईटीआई, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और दो सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना।
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दुग्ध क्रांति: दुग्ध उत्पादन को 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य; डेयरी स्थापना पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान।
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कृषि विकास: भावांतर योजना का लाभ और गेहूं पर 175 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस।
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पर्यटन और संस्कृति: कृष्ण गमन पथ का विकास और अप्रैल माह में नौरादेही अभयारण्य में चीतों का आगमन।
विधायक एवं मंत्री का वक्तव्य: कार्यक्रम में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने क्षेत्र की औद्योगिक प्रगति और खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा राज्य को लॉजिस्टिक हब बनाने के प्रयासों की सराहना की।



