LoC पर सुरक्षा घेरा सख्त: सेना ने मार भगाए संदिग्ध ड्रोन, कठुआ के नजोटे जंगल में आतंकियों से मुठभेड़

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में बीते 24 घंटों में हलचल काफी बढ़ गई है। मंगलवार शाम राजौरी के केरी सेक्टर में स्थानीय निवासियों और सुरक्षा बलों ने आसमान में संदिग्ध लाइटें और ड्रोन जैसी वस्तुएं देखीं। सुरक्षा एजेंसियों की तत्काल जवाबी कार्रवाई के बाद ये ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर चले गए।
इसी दिन, कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की खबर मिलते ही सेना ने तलाशी अभियान शुरू किया। जंगल में छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों को देखते ही गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसके जवाब में जवानों ने भी फायरिंग की।
अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से लगातार ड्रोन के जरिए निगरानी या हथियार भेजने की कोशिशें की जा रही हैं। 12 जनवरी को भी पुंछ के मनकोट और राजौरी के कलाकोट क्षेत्र में इसी तरह की संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं। सेना ने पूरे बॉर्डर बेल्ट पर चौकसी बढ़ा दी है ताकि किसी भी घुसपैठ को नाकाम किया जा सके।
मुख्य बिंदु:
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ड्रोन घुसपैठ: मंगलवार शाम राजौरी के केरी सेक्टर (धेरी धारा गांव) में संदिग्ध ड्रोन की हरकत देखी गई। काउंटर-ड्रोन तकनीक और फायरिंग के बाद ये वापस लौटे।
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कठुआ मुठभेड़: बिलावर के नजोटे जंगल में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच फायरिंग जारी। 7 जनवरी को भी इसी इलाके में मुठभेड़ हुई थी।
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हाई अलर्ट: सुरक्षा बलों ने राजौरी और कठुआ दोनों क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
विस्तृत विवरण: सीमा सुरक्षा को चुनौती देने वाली इन घटनाओं के बीच, यह भी सामने आया है कि 12 जनवरी को भी पुंछ और राजौरी के विभिन्न क्षेत्रों (मनकोट और तेरयाथ) में ड्रोन जैसी गतिविधियां देखी गई थीं। सेना की मुस्तैदी और आधुनिक प्रणालियों के कारण हर बार इन संदिग्ध एरियल ऑब्जेक्ट्स को सीमा पार खदेड़ने में सफलता मिली है। वर्तमान में कठुआ के कामध नाले के आसपास के जंगलों में ‘कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन’ (CASO) जारी है।



