‘विरासत से विकास’ का संकल्प: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया देश के पहले वृहद महाभारत समागम का आगाज़

भोपाल: “महाभारत केवल एक कथा नहीं, बल्कि वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और उदारता की महागाथा है।” यह विचार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत भवन में ‘महाभारत समागम’ के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने इस समागम को आने वाली पीढ़ियों के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बताया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे विश्व भर में भारतीय संस्कृति के संवाहक बने हैं। समागम के पहले दिन मैत्रेयी पहाड़ी और उनके सहयोगियों ने शांति और न्याय के संदेश पर आधारित प्रस्तुति दी। डॉ. यादव ने इस दौरान भारत भवन की कला दीर्घाओं का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण गीता प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान रहा। सुश्री हिमांशी मिश्रा सहित अन्य विजेताओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को संतोषजनक बताया। उन्होंने घोषणा की कि मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर भी ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी। इस समागम में आने वाले दिनों में इंडोनेशिया सहित अन्य देशों के नाट्य दल भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।



