‘धरती आबा अभियान’ से रोशन होंगे 63 हजार घर; ऊर्ज़ा और आईटी क्षेत्र के लिए कैबिनेट के बड़े फैसले

भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ (DA-JGUA) के तहत प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में बिजली पहुँचाने के लिए 366.72 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 63,077 घरों और 650 सरकारी संस्थानों का विद्युतीकरण किया जाएगा।
विद्युतीकरण की मुख्य बातें:
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जिन क्षेत्रों में प्रति घर खर्च 2 लाख रुपये तक है, वहां बिजली कंपनियां ग्रिड से बिजली पहुंचाएंगी।
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दूरस्थ बस्तियों और खेतों पर बने घरों के लिए म.प्र. ऊर्जा विकास निगम 1 किलोवाट की ‘ऑफ-ग्रिड’ (सोलर + बैटरी) प्रणाली लगाएगा, जिस पर 97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
रोजगार और आयु सीमा में छूट: न्यायपालिका के आईटी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी कर्मचारियों को भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल होने के लिए एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है।
ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनता से जुड़े कई संवेदनशील फैसले लिए गए। सरकार ने तय किया है कि अब पेंशन के लिए केवल पत्नी या पुत्र ही नहीं, बल्कि परिवार की अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां भी पात्र होंगी।
प्रमुख फैसले एक नज़र में:
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शिक्षा पर जोर: सीएम राइज स्कूलों और छात्रवृत्तियों के लिए भारी-भरकम बजट मंजूर किया गया है ताकि जनजातीय बच्चों की पढ़ाई न रुके।
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बिजली का विस्तार: प्रदेश के हजारों ऐसे घर जहाँ आज भी अंधेरा है, वहां सोलर पैनल या बिजली लाइन के जरिए रोशनी पहुंचाई जाएगी। इसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
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पेंशनर्स की सुविधा: पेंशन नियमों को सरल बनाया गया है ताकि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। पेंशन की गणना और भुगतान अब ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से होगा।
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आईटी कर्मचारियों को राहत: कोर्ट में काम करने वाले आईटी एक्सपर्ट्स अब 5 साल की अतिरिक्त उम्र तक सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे।



