मध्यप्रदेश में निवेश की बहार: अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 24×7 बिजली और नीतिगत प्रोत्साहन का वादा, सिकोया फाउंडेशन के साथ हुआ एमओयू

मध्यप्रदेश को ‘रिन्यूएबल एनर्जी हब’ बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग जगत के दिग्गजों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता में 48% और पवन ऊर्जा में 19% की रिकॉर्ड वार्षिक वृद्धि हुई है।
निवेशकों के लिए मुख्य आकर्षण:
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नई तकनीक: सौर, पवन, बायोफ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन में वित्तीय प्रोत्साहन।
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नवाचार: देश की पहली ‘सौर-सह एनर्जी स्टोरेज’ परियोजना (300 मेगावाट) पर कार्य जारी।
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सफलता की मिसाल: सांची बनी देश की पहली सोलर सिटी।
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अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: आईएफसी (IFC) के क्षेत्रीय निदेशक इमाद एन. फ़खौरी ने मप्र की ‘इन्वेस्टर फ्रेंडली डिजाइन’ की प्रशंसा की और एफडीआरई सेंटर्स की स्थापना में सहयोग का आश्वासन दिया।
अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि सरकार निवेशकों के सुझावों को नीतियों में शामिल करने के लिए तैयार है ताकि बिजली की दरें कम और आपूर्ति विश्वसनीय बनी रहे।


