नेपाल में बड़ी कार्रवाई—पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार

नेपाल में राजनीतिक घटनाक्रम ने अचानक तेज मोड़ ले लिया है। नए प्रधानमंत्री Balendra Shah के शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli और पूर्व गृह मंत्री Ramesh Lekhak को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई पिछले वर्ष हुए जेन-जी आंदोलन से जुड़े मामले में की गई है।
नेपाल पुलिस ने दोनों नेताओं को उस आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और कार्रवाई के आरोपों के सिलसिले में हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी की पुष्टि मौजूदा गृह मंत्री Sudan Gurung ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। उन्होंने लिखा, “वादा तो वादा है,” और यह भी कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है तथा यह कदम न्याय की शुरुआत है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, K. P. Sharma Oli को शनिवार सुबह उनके गुंडू स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम पिछली रात से ही उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश कर रही थी। वहीं, Ramesh Lekhak को भक्तपुर के कुटुंजे स्थित उनके घर से पकड़ा गया।
गौरतलब है कि 8 और 9 सितंबर 2025 को नेपाल में तत्कालीन सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दों पर जेन-जी आंदोलन शुरू हुआ था। यह प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। 8 सितंबर को हुई हिंसा में 19 लोगों की मौत दर्ज की गई थी।
बताया जा रहा है कि नेपाल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी पूर्व प्रधानमंत्री को हत्या के संदेह में हिरासत में लिया गया है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्रियों को आपराधिक मामलों में इस तरह गिरफ्तार नहीं किया गया था, हालांकि कुछ मामलों में वे पुलिस निगरानी में जरूर रहे हैं।
तीन दिन पहले सार्वजनिक हुई जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में K. P. Sharma Oli, Ramesh Lekhak, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक Chandrakuber Khapung और अन्य पर आपराधिक संहिता 2017 की धारा 182 के उल्लंघन का संदेह जताया गया है।
प्रधानमंत्री Balendra Shah के शपथ लेने के तुरंत बाद हुई कैबिनेट बैठक में गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया गया। हालांकि इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों को छूट दी गई है।
इससे पहले गृह मंत्री Sudan Gurung ने 8 सितंबर की घटना की जांच के लिए पुलिस को निर्देश दे दिए थे। इसके बाद कानून सचिव Parshwor Dhungana ने पूरी रात रिपोर्ट को लागू करने और आवश्यक दस्तावेज तैयार करने का काम किया।


