एमपी में जनजातीय विकास का रोडमैप तैयार: तहसील वार बनेगा सुविधाओं का मानचित्र, बजट का 85 प्रतिशत तक हुआ सदुपयोग

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासन अकादमी में दीप प्रज्वलित कर ‘जनजातीय विकास का लक्ष्य-राज्य स्तरीय जनजातीय उप योजना’ कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय समुदाय का विकास केवल प्रशासनिक आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि इसे वंचितों की सेवा और भक्ति के भाव से किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश की 21 प्रतिशत जनजातीय आबादी के लिए बजट आवंटन और विशेष कार्यशाला की पहल हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय समाज के समग्र उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि प्रदेश का बजट और योजनाएं अंत्योदय के लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका लाभ जनजातीय पशुपालकों और किसानों को भी मिलेगा। कार्यशाला में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह और केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।



