अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए सरकार सख्त: अधिकारियों को मिलीं विशेष न्यायिक शक्तियां, ऑनलाइन प्रशिक्षण संपन्न

आगामी 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले बाल विवाहों को पूरी तरह से रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपनी कमर कस ली है। शुक्रवार को संचालनालय महिला बाल विकास भोपाल में ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

इस सत्र में अधिकारियों को बताया गया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही त्वरित गति से कानूनी कार्रवाई कैसे की जाए। प्रशिक्षण के मुख्य वक्ता एवं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की किशोर न्याय समिति के सलाहकार श्री गुरमुख सिंह लाम्बा ने अधिकारियों को संविधान द्वारा प्रदत्त उनकी शक्तियों का बोध कराया। उन्होंने जोर दिया कि जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से निषेधाज्ञा जारी कराने और संपन्न हो चुके बाल विवाह को शून्य घोषित करने की विधिक प्रक्रियाओं में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। विभाग का लक्ष्य जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को इतना मजबूत करना है कि सूचना मिलते ही वैधानिक कार्रवाई शुरू हो सके।

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