राज्यपाल मंगुभाई पटेल का प्रशिक्षु वन अधिकारियों को आह्वान: “संवेदनशीलता और वंचितों के प्रति समानुभूति ही आपकी सफलता का पैमाना”

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने सोमवार को राजभवन (लोकभवन) के बैंक्वेट हॉल में भारतीय वन सेवा के 2024-26 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर अधिकारियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय वन सेवा केवल एक प्रशासनिक पद नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, मानवता और भावी पीढ़ियों के प्रति एक गंभीर उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि वन अधिकारी भाग्यशाली हैं जिन्हें अपना पूरा जीवन प्रकृति की गोद में बिताने और उसके संरक्षण का अवसर मिला है।
राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि वे वन कानूनों और जनजातीय कल्याण के प्रावधानों का गहराई से अध्ययन करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों की सफलता उनके आत्मीय व्यवहार और वंचितों के प्रति उनकी संवेदनशीलता से मापी जाएगी। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने मध्य प्रदेश की जैव विविधता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह राज्य बाघ, तेंदुआ, चीता और घड़ियाल स्टेट के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने अधिकारियों से “आउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग” अपनाने और जनजातीय समुदाय की प्रकृति-आधारित जीवन शैली को आधुनिक जगत से परिचित कराने का आग्रह किया। अंत में, उन्होंने अधिकारियों को मैदानी दौरों के दौरान ग्रामीण बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।



