बर्लिन में राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय से की मुलाकात, प्रवासियों को बताया भारत-जर्मनी के बीच ‘जीवंत सेतु’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उनके साथ आत्मीय माहौल में संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें भारत और जर्मनी के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ बताया।
राजनाथ सिंह ने बातचीत में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रवासी भारतीयों की भूमिका और अधिक मजबूत हुई है और वे दोनों देशों को करीब लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेश में रहकर भी भारतीय समुदाय भारत की पहचान को सशक्त बनाने में लगातार अहम भूमिका निभा रहा है।
रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से मजबूत हो रही है और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में स्टार्टअप क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां युवा नए विचारों के साथ नवाचार कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष और डिजिटल क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के विस्तार से आम नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच आसान हुई है और इससे शासन प्रणाली में पारदर्शिता और गति आई है। भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भी इस दौरान अपने अनुभव साझा किए और भारत की प्रगति पर गर्व व्यक्त किया।
इससे पहले राजनाथ सिंह ने जर्मन संसद के सदस्यों को भी संबोधित किया था, जहां उन्होंने भारत-जर्मनी रक्षा औद्योगिक साझेदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने जर्मन उद्योगों को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत सह-निर्माण, सह-विकास और सह-नवाचार के लिए आमंत्रित किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां बदल रही हैं और तकनीकी परिवर्तन के कारण ये और जटिल हो गई हैं। ऐसे में नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता और नई सोच अपनाना आवश्यक है। उन्होंने अपनी जर्मनी यात्रा के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति का भी उल्लेख किया और भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया को संतुलित और प्रभावी बताया।



