ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार 2026: मध्य प्रदेश को मिला ‘लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन’ का प्रतिष्ठित सम्मान

मध्य प्रदेश पर्यटन ने वैश्विक पर्यटन के क्षेत्र में अपनी धाक जमाते हुए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राजस्थान के जयपुर में आयोजित ‘ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार’ (GITB) 2026 के दौरान मध्य प्रदेश को “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” पुरस्कार से नवाजा गया। फिक्की (FICCI) द्वारा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और राजस्थान पर्यटन के सहयोग से आयोजित ‘ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ के दूसरे संस्करण में यह सम्मान प्रदान किया गया। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की ओर से अतिरिक्त प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने यह गौरवशाली पुरस्कार ग्रहण किया।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पर्यटन सचिव एवं एमपी टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि जीआईटीबी 2026 में प्राप्त यह पुरस्कार मध्य प्रदेश की बढ़ती वैश्विक साख का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का निरंतर प्रयास रहा है कि राज्य की ऐतिहासिक विरासत, नैसर्गिक सौंदर्य और जीवंत परंपराओं को एक साझा मंच पर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि विभाग अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर प्रदेश को दुनिया के शीर्ष पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
जयपुर में 26 से 28 अप्रैल तक चलने वाले इस त्रि-दिवसीय आयोजन में मध्य प्रदेश का पवेलियन आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहाँ राज्य की विविधतापूर्ण विरासत, आध्यात्मिक केंद्रों, वन्यजीव संपदा और अनूठे सांस्कृतिक अनुभवों को बेहद प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया है। पवेलियन में आने वाले आगंतुकों को पारंपरिक ‘बधाई’ नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्य की लोक संस्कृति से रूबरू कराया जा रहा है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध स्थानीय जायकों जैसे सेव, गजक और आम पना के जरिए प्रदेश के स्वाद का अनुभव भी विशेषज्ञों को दिया जा रहा है।
रणनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो मध्य प्रदेश पर्यटन इस मंच का उपयोग वैश्विक साझेदारियों के विस्तार के लिए कर रहा है। राज्य का प्रतिनिधिमंडल अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल प्रोफेशनल्स के साथ पूर्व-निर्धारित ‘बिजनेस टू बिजनेस’ (B2B) बैठकों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करना और इनबाउंड टूरिज्म (विदेशी पर्यटकों का आगमन) की संभावनाओं को बढ़ाना है। यह संवाद वैश्विक पर्यटन उत्पादों में मध्य प्रदेश की स्थिति को और अधिक मजबूत कर रहा है।
जीआईटीबी जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली यह सफलता सतत विकास और सांस्कृतिक प्रामाणिकता के प्रति राज्य की निष्ठा को दर्शाती है। वर्तमान में मध्य प्रदेश यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों, वन्यजीव अभयारण्यों और आध्यात्मिक स्थलों के साथ-साथ ईको-टूरिज्म, वेलनेस और ग्रामीण पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। अनुभव-आधारित पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरता हुआ मध्य प्रदेश वैश्विक यात्रियों के लिए वास्तव में “अतुल्य भारत का हृदय” साबित हो रहा है।



