देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: शासन के निर्देशों की अनदेखी और लापरवाही पर पुलिस व राजस्व के चार अधिकारी निलंबित

मध्य प्रदेश के देवास जिले की टोंकखुर्द तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम टोंककला में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हाल ही में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस और राजस्व विभाग के चार जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। गृह विभाग और संभागीय प्रशासन द्वारा यह अनुशासनात्मक कदम प्राथमिक जांच में सामने आई खामियों और कर्तव्य के प्रति बरती गई घोर लापरवाही के बाद उठाया गया है।

गृह विभाग की ओर से जारी आधिकारिक निलंबन आदेश के तहत देवास जिले के सोनकच्छ में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुश्री दीपा मांडे पर गाज गिरी है। उज्जैन संभाग के आयुक्त से मिली रिपोर्ट और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की स्पष्ट सिफारिश के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। आदेश में इस बात का साफ जिक्र किया गया है कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी गाइडलाइंस के मुताबिक पटाखा फैक्ट्री के संचालन और उसकी सुरक्षा व्यवस्था का नियमित मुआयना नहीं किया। इसके साथ ही फैक्ट्री की जमीनी स्थिति को लेकर वरिष्ठ कार्यालयों को कोई आवश्यक रिपोर्ट भी नहीं भेजी गई, जिसे शासन ने अपने कर्तव्यों के प्रति बेहद उदासीन रवैया और बड़ी चूक माना है।

इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए उज्जैन संभाग के आयुक्त श्री आशीष सिंह ने राजस्व विभाग के दो अधिकारियों टोंकखुर्द के एसडीएम श्री संजीव सक्सेना और टप्पा चिडावद के नायब तहसीलदार श्री रवि शर्मा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन द्वारा जारी निलंबन आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री से जुड़े संवेदनशील मामलों में सरकार द्वारा तय किए गए कड़े मानकों के अनुसार उचित प्रशासनिक निरीक्षण और निगरानी नहीं रखी गई, जो कि एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही की श्रेणी में आता है।

निलंबन की यह पूरी कार्रवाई इन अधिकारियों के खिलाफ मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 तथा मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। सस्पेंशन के दौरान सुश्री दीपा मांडे का कार्यक्षेत्र मुख्यालय पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) भोपाल तय किया गया है, जबकि एसडीएम श्री संजीव सक्सेना और नायब तहसीलदार श्री रवि शर्मा का अस्थाई मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय देवास निर्धारित किया गया है। इन सभी अधिकारियों को नियम के मुताबिक सस्पेंशन अवधि के दौरान जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय स्तर पर बरती गई ढिलाई को देखते हुए देवास के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने टोंककला चौकी की प्रभारी सुश्री रणदीप डुंडल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। हादसे के बाद हुई शुरुआती तफ्तीश में यह बात निकलकर सामने आई है कि उक्त पटाखा फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा मानकों में भारी कमी थी और वहां तयशुदा स्वीकृत सीमा से कहीं ज्यादा तादाद में बारूद और विस्फोटक सामग्री जमा करके रखी गई थी।

चौकी प्रभारी के खिलाफ जारी निलंबन आदेश के मुताबिक, क्षेत्र में चल रही इस अवैध गतिविधि की भनक न लग पाना खुफिया तंत्र की विफलता को दर्शाता है। वरिष्ठ कार्यालय को समय पर जरूरी इनपुट न देने, आसूचना संकलन (इंटेलिजेंस) में कमजोर साबित होने और अपने शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण चौकी प्रभारी पर यह ऐक्शन लिया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस लाइन देवास रहेगा और उन्हें भी नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button