अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा: मध्यप्रदेश एसटीएफ की गिरफ्त में आया 15 महीने से फरार मुख्य शिकारी

मध्यप्रदेश में बाघों के अवैध शिकार और उनके अंगों की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी से जुड़े एक बड़े संगठित गिरोह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। वन विभाग की विशेष टीम ने पिछले सवा साल (1 वर्ष 3 माह) से कानून की नजरों से छिपे बैठे कटनी के रहने वाले कुख्यात शिकारी बबलू उर्फ पूनमलाल पारधी को सफलतापूर्वक दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी राज्य में वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

वन्यजीव मुख्यालय से मिले कड़े निर्देशों के बाद बालाघाट संभाग में बाघों के शिकार और उनकी खाल व हड्डियों के अवैध व्यापार में लिप्त एक अंतर्राज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जांच में सामने आया था कि यह गिरोह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों- असम और मिजोरम के रास्ते म्यांमार तक वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करता था, जहाँ से इन्हें अन्य देशों में भेजा जाता था। पुलिस और वन विभाग की टीम इस मामले में पहले ही हरियाणा, मेघालय और मिजोरम जैसे राज्यों से पांच मुख्य आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

इस बड़े नेटवर्क के छठे मुख्य आरोपी पूनमलाल पारधी की तलाश में एसटीएसएफ की टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। हाल ही में मुखबिरों से खुफिया जानकारी मिली कि आरोपी अनूपपुर और उसके आस-पास के इलाकों में छिपकर रह रहा है। सूचना मिलते ही एसटीएसएफ की विशेष टुकड़ियों को तत्काल सक्रिय किया गया। इसके बाद, एसटीएसएफ की जबलपुर विंग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 मई 2026 को अनूपपुर जिले के कोतमा रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (NH-43) पर जाल बिछाया और घेराबंदी कर पूनमलाल को गिरफ्तार कर लिया।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, पूनमलाल बेहद शातिर अपराधी है जो पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन और ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसे पकड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। गिरफ्तारी के अगले दिन, यानी 24 मई 2026 को आरोपी को जबलपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपी को सात दिनों के लिए फॉरेस्ट रिमांड पर एसटीएसएफ को सौंप दिया है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि पूनमलाल पारधी का पूरा परिवार वन्यजीवों के अवैध कारोबार से जुड़ा रहा है। वह नामी बाघ शिकारी अजीत पारधी का सगा भाई है, साथ ही इस धंधे के दो अन्य चर्चित चेहरों- गिटिया और एकीलाल का सगा चाचा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी, जिससे इस अंतर्राष्ट्रीय स्मगलिंग सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य चेहरों और गुप्त ठिकानों का पर्दाफाश होने की पूरी उम्मीद है।

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