पेंच टाइगर रिजर्व: एआई आधारित ‘पॉज’ तकनीक की मदद से कोर क्षेत्र में अवैध शिकार का प्रयास नाकाम, आरोपी गिरफ्तार
पेंच टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में बीते 26 मई को अवैध रूप से घुसकर मछली पकड़ने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रिजर्व में लगाई गई अत्याधुनिक ‘पेंच एडवांस वार्निंग सिस्टम’ (PAWS) तकनीक की सजगता के कारण वन विभाग को यह सफलता मिली है। एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) पर आधारित इस कैमरा नेटवर्क ने प्रतिबंधित क्षेत्र में इंसानी गतिविधि को भांपकर तुरंत अलर्ट जारी किया था, जिसके बाद मैदानी अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपी को वन विभाग की टीम द्वारा छिंदवाड़ा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए। अधिकारियों के अनुसार, जिस जगह यह घुसपैठ हुई वह बेहद संवेदनशील इलाका है। इस क्षेत्र में बाघों और अन्य हिंसक वन्यजीवों की भारी मौजूदगी रहती है, जिसके कारण यहां किसी भी आम नागरिक का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है।
इस पूरी कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा में आधुनिक तकनीक कितनी मददगार साबित हो सकती है। सही समय पर चेतावनी मिलने की वजह से न केवल एक अवैध गतिविधि को समय रहते रोक दिया गया, बल्कि घने जंगल में इंसानों और हिंसक जानवरों के बीच होने वाले संभावित टकराव को भी टाल दिया गया। अगर सुरक्षा बल समय पर न पहुंचता, तो बाघों की नियमित आवाजाही वाले इस क्षेत्र में कोई गंभीर हादसा हो सकता था।
पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने अब अपनी जमीनी चौकसी को इस एआई-संचालित निगरानी प्रणाली से पूरी तरह जोड़ दिया है। इस तकनीकी तालमेल से कोर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कई गुना अधिक मजबूत हो गई है। वन अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में भी ‘पॉज’ तकनीक वन्यजीव अपराधों पर लगाम लगाने और आरक्षित वन क्षेत्रों की अभेद्य निगरानी करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी।

