ग्लोबल स्किल पार्क के तीन छात्रों का हंगरी की बहुराष्ट्रीय कंपनी में चयन, मुख्यमंत्री के कौशल तंत्र को मिली बड़ी सफलता

मध्य प्रदेश के कौशल विकास तंत्र को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहां संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क के तीन विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य का कौशल तंत्र युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रहा है। कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल की देखरेख में चलाई जा रही रोजगारपरक नीतियों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं।
संस्थान के नौवें बैच से पास आउट हुए इन तीनों छात्रों ने हंगरी जाकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। चयनित युवाओं में सिवनी निवासी लकी साहू ने एडवांस्ड मैकेनिकल टेक्नोलॉजी विषय में प्रशिक्षण लिया था। इनके साथ ही चंपारण के रौशन कुमार और दौसा के मयंक जांगिड़ ने एडवांस्ड मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल सर्विसेज पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरी की है। इन युवाओं की यह वैश्विक छलांग बताती है कि यदि गुणवत्तापूर्ण ट्रेनिंग मिले, तो क्षेत्रीय सीमाओं से निकलकर युवा दुनिया भर में नाम कमा सकते हैं।
इन विद्यार्थियों की नियुक्ति एसआरएफ (SRF) लिमिटेड नामक प्रतिष्ठित वैश्विक औद्योगिक समूह की हंगरी इकाई में हुई है। यह विनिर्माण कंपनी विशेष रसायन, टेक्निकल टेक्सटाइल्स, फ्लोरोकेमिकल्स और पैकेजिंग फिल्म्स के क्षेत्र में देश-विदेश में अग्रणी स्थान रखती है। नवाचार और उच्च गुणवत्ता मानकों के लिए प्रसिद्ध इस अंतरराष्ट्रीय कंपनी में इन छात्रों को स्थान मिलना यह साबित करता है कि संस्थान से मिलने वाली शिक्षा वैश्विक स्तर के अनुकूल है।
संस्थान में प्रशिक्षण का स्तर बेहद आधुनिक है, जहां विद्यार्थियों को सिम्युलेशन, व्यावहारिक अभ्यास और अत्याधुनिक मशीनरी का उपयोग सिखाया जाता है। तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ छात्रों को अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति, सुरक्षा मानकों और कार्यस्थल के अनुशासन से भी पूरी तरह अवगत कराया जाता है। यही वजह है कि यहां के प्रशिक्षित युवा बड़ी कंपनियों की कसौटी पर आसानी से खरे उतर रहे हैं।
चयनित छात्रों को बधाई देते हुए राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि हंगरी में हमारे छात्रों को रोजगार मिलना राज्य की प्रशिक्षण व्यवस्था की प्रभावशीलता का सीधा प्रमाण है। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक कौशल प्रदान कर सीधे रोजगार उपलब्ध कराना है। उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार यह कुशल मानव संसाधन ही प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखेगा।
यह सफलता मध्य प्रदेश के युवाओं के जीवन में आ रहे एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कौशल विकास को औद्योगिक विकास और निवेश के साथ जोड़कर युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। भविष्य में यह ग्लोबल स्किल पार्क राज्य के और अधिक युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के सुनहरे अवसर दिलाने का माध्यम बनेगा।
