मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता की रूपरेखा तैयार, महिला सशक्तिकरण एवं बाल कल्याण योजनाओं की मुख्यमंत्री ने की उच्च स्तरीय समीक्षा

राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश में ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ (यूसीसी) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं, जिसके तहत विभिन्न धार्मिक वर्गों से व्यापक परामर्श के लिए एक उच्च स्तरीय समिति क्रियाशील कर दी गई है। इस नीतिगत निर्णय की जानकारी देने के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें उन्होंने मैदानी स्तर पर जवाबदेही तय करने और सर्वोत्तम नवाचारों को अपनाने पर बल दिया।

मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित किया जाए। इस पुनीत कार्य में सरकारी विभागों के साथ-साथ निजी क्षेत्रों और नागरिक समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अन्य राज्यों तथा प्रदेश के अग्रणी जिलों में लागू सफल प्रयोगों के अध्ययन के आधार पर एक समग्र कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया, जिससे कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंच सके।

विद्यारंभ समारोह और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण बैठक के दौरान राज्य में शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर हुए नवाचारों को साझा किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ५ से ६ वर्ष के आयु वर्ग के ९ लाख २८ हजार बच्चों के लिए विशेष ‘विद्यारंभ समारोह’ आयोजित कर उन्हें प्रमाण-पत्र दिए गए, जिससे स्कूलों में उनका सुगम दाखिला सुनिश्चित हुआ। इस प्रयास की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई है। बुनियादी ढांचे के स्तर पर, कामकाजी महिलाओं को बेहतर परिवेश देने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में पीपीपी मोड पर छात्रावास बनाने की तैयारी है, जबकि देवास और झाबुआ सहित चार जिलों में काम शुरू हो चुका है। साथ ही, प्रताड़ित महिलाओं की वैधानिक व सामाजिक मदद के लिए आठ नए वन स्टॉप सेंटर भी स्वीकृत किए गए हैं।

मातृ वंदना और लाड़ली बहना योजना में अर्जित की ऐतिहासिक उपलब्धियां मध्य प्रदेश ने सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के माध्यम से जनवरी २०२४ से मई २०२६ तक पात्र महिलाओं के खातों में ४७,७७५ करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पिछले ढाई साल से राज्य देश में प्रथम स्थान पर काबिज़ है, जिसके अंतर्गत १५.५१ लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को सीधे लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा, राज्य की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए बीमा योजना के दायरे में लाया गया है।

विविध समुदायों से संवाद और वेबसाइट के माध्यम से लिए जाएंगे सुझाव समान नागरिक संहिता के विषय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश इस प्रगतिशील कानून को लागू करने के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार समाज के सभी वर्गों के बीच संतुलन और आपसी समन्वय स्थापित करते हुए आगे बढ़ रही है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अगुवाई में गठित उच्च स्तरीय समिति प्रदेश के विभिन्न अंचलों का दौरा करेगी और सभी धर्म-मजहब के लोगों से संवाद कर सर्वसमावेशी रूपरेखा तैयार करेगी। नागरिकों की सीधी सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक आधिकारिक वेबसाइट भी शुरू की गई है, जहां कोई भी व्यक्ति इस विषय पर अपना लिखित सुझाव साझा कर सकता है।

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