मेट्रो परियोजनाओं के शेष चरणों को तय वक्त में पूरा करने के निर्देश, मुख्यमंत्री ने कहा- दो तिहाई काम हुआ पूरा

मंत्रालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए विकास कार्यों की गति तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रथम चरण का संचालन शुरू होने के बाद अब आगामी चरणों के कार्यों को हर हाल में तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, क्योंकि यह प्रणाली कामकाजी नागरिकों और सघन आबादी वाले इलाकों के लिए आवागमन का सबसे सुगम माध्यम है। इस उच्च स्तरीय बैठक में विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन और संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे।
डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि इंदौर और भोपाल अब मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों का रूप ले रहे हैं, लिहाजा मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने इसके लिए पर्यटन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों और आम नागरिकों को राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक, पुरातात्विक स्थलों और टाइगर रिजर्व व अभयारण्यों के भ्रमण के लिए प्रेरित किया जा सके। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मुहिम में पर्यटन विभाग और मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने संतोष जताया कि दोनों शहरों में समग्र रूप से दो-तिहाई विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के विभिन्न चरणों की अद्यतन स्थिति साझा की गई। इसके अनुसार, फेज़-1 के अंतर्गत सुभाष नगर से एम्स के बीच 7.1 किलोमीटर के मार्ग पर 8 एलिवेटेड स्टेशनों के माध्यम से दिसंबर 2025 से मेट्रो सेवा का संचालन किया जा रहा है। फेज़-2 के तहत सुभाष नगर से करोंद चौराहा के 9.64 किलोमीटर लंबे खंड पर जून 2028 की समय-सीमा के साथ तेजी से काम चल रहा है, जहां 6 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, फेज़-3 के तहत भदभदा चौराहा से रत्नागिरी चौराहा तक के 14.16 किलोमीटर सेक्शन का काम भी अगले दो साल में पूरा होना प्रस्तावित है, जिसमें 13 एलिवेटेड स्टेशन तैयार किए जाएंगे।
दूसरी तरफ, इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि फेज़-1 के रीच वन में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर 3 तक 5.26 किलोमीटर के हिस्से का शुभारंभ मई 2025 में ही संपन्न हो चुका है। इसके अगले पड़ाव यानी रीच-2 में सुपर कॉरिडोर 3 से मालवीय नगर चौराहा तक 11.43 किलोमीटर के काम लगभग समाप्ति पर हैं। फेज़-2 के तहत शहीद बगीचा से खजराना चौराहा (रीच-1, 1.77 किमी) और एयरपोर्ट से गांधी नगर (रीच-2, 1.5 किमी) के निर्माण कार्यों को जून 2028 तक मुकम्मल कर लिया जाएगा। इसके उपरांत फेज़-3 में खजराना चौराहा से एयरपोर्ट के बीच 11.59 किलोमीटर के हिस्से पर कार्य किया जाएगा। बैठक में दोनों महानगरों के भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें फ्लाईओवर और सड़क निर्माण शामिल हैं, को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई।

