असम बाढ़: उफनती नदियों के बीच NDRF का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, 4,000 से अधिक नागरिक स्थानांतरित

असम के कई हिस्सों में शुक्रवार को भी बाढ़ के कारण हालात विकट बने रहे, जहां राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। मूसलाधार बारिश और नदियों में आए उफान को देखते हुए NDRF ने अपने ‘फ्लड वाटर रेस्क्यू’ अभियान की रफ्तार बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन बल का मुख्य ध्यान प्रभावित क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बचाव दलों ने अब तक बाढ़ के पानी में फंसे 59 नागरिकों को रेस्क्यू किया है, जबकि जोखिम वाले क्षेत्रों से 4,037 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा, टीमों ने 48 मवेशियों को भी सुरक्षित बचाया है और विभिन्न प्रभावित इलाकों से छह शव बरामद किए हैं। संवेदनशील जिलों में NDRF की मुस्तैद तैनाती की गई है, जहां जलभराव के कारण आम जिंदगी पूरी तरह पटरी से उतर गई है।

बाढ़ के इस संकट के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वा शर्मा ने स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रशासन और विभिन्न राहत एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। उनका प्राथमिक उद्देश्य आपदा में फंसे हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावितों तक समय पर मदद पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि संकटग्रस्त इलाकों में निकासी अभियान बिना रुके चलाया जा रहा है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में NDRF के जवानों द्वारा दिखाई जा रही निष्ठा और सेवा भावना की खुलकर प्रशंसा की। साथ ही, उन्होंने बचाव कार्य से जुड़े अद्यतन आंकड़े भी जारी किए।

इस आपदा से निपटने के लिए NDRF के साथ-साथ राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), स्थानीय पुलिस, अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक भी कंधे से कंधा मिलाकर राहत कार्यों में लगे हुए हैं। सभी सुरक्षा बल नावों और आधुनिक उपकरणों के सहारे दिन-रात लोगों की सहायता में जुटे हैं।

वर्तमान में राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। इसके चलते यातायात ठप हो चुका है और कई जिलों का संपर्क कट गया है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों ने आम जनता से सतर्क रहने और बचाव दलों के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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