जबलपुर एसएलडीसी की बड़ी कामयाबी: अंतरराष्ट्रीय ISO/IEC 27001:2022 से हुआ सम्मानित, मजबूत होगी राज्य की बिजली प्रणाली

एमपी ट्रांसको के जबलपुर स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ाया है। केंद्र को अपनी बेहतरीन सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ/आईईसी 27001:2022 प्रमाणन प्राप्त हुआ है। राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि देश के बड़े राज्यों के लोड डिस्पैच सेंटरों की श्रेणी में जबलपुर एसएलडीसी ने यह अंतरराष्ट्रीय मानक हासिल कर एक नया मुकाम हासिल किया है, जो पूरे प्रदेश के पावर सेक्टर के लिए गर्व का विषय है।
यह वैश्विक प्रमाण पत्र दिल्ली स्थित ‘क्वालिटी एशिया सर्टिफिकेशन’ द्वारा आयोजित कड़े ऑडिट और व्यापक मूल्यांकन के बाद दिया गया है। ऑडिट रिपोर्ट में एसएलडीसी के सुरक्षा इंतजामों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुकूल पाया गया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि आधुनिक दौर में ग्रिड व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल और संचार नेटवर्क पर आधारित है। इसलिए साइबर खतरों से बचाव, डेटा सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखना प्राथमिक आवश्यकता है। यह आईएसओ प्रमाणन इस दिशा में एमपी ट्रांसको की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि जबलपुर एसएलडीसी का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का पुराना इतिहास रहा है। इससे पूर्व भी इस केंद्र को सूचना सुरक्षा और आधुनिक ग्रिड प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है। रियल टाइम मॉनिटरिंग, बेहतरीन ऊर्जा प्रबंधन और अत्याधुनिक संचार साधनों के इस्तेमाल में यह केंद्र हमेशा अग्रणी रहा है। मध्य प्रदेश में बिजली की निर्बाध आपूर्ति और ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में इस सेंटर का योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रमाणन के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी व अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश गुप्ता ने बताया कि इस ऑडिट का दायरा काफी व्यापक था, जिसमें सभी नियमित व अनुबंध कर्मचारी, कार्य प्रणालियां और सूचना संसाधन शामिल थे। ऑडिट टीम ने रियल टाइम ग्रिड ऑपरेशन, बिजली शेड्यूलिंग, सिस्टम मॉनिटरिंग, संचार तंत्र, आईएसडी व आईएसपी गतिविधियों सहित पूरे आईटी (IT) और ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (OT) इंफ्रास्ट्रक्चर की गहराई से जांच की।
गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत सुरक्षा जोखिम प्रबंधन, साइबर सुरक्षा उपायों, डेटा सुरक्षा और संकट के समय निर्बाध कार्य संचालन की व्यवस्थाओं को परखने के बाद ही यह प्रमाण पत्र जारी किया गया है। इस उपलब्धि से न केवल केंद्र की कार्यप्रणाली पर वैश्विक मुहर लगी है, बल्कि मध्य प्रदेश की समग्र विद्युत आपूर्ति प्रणाली पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और मजबूत बनकर उभरी है।

