डेंगू से जंग: भारत ने श्रीलंका को सौंपी 500 लीटर कीटनाशक सामग्री, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग जारी

श्रीलंका में डेंगू के प्रकोप को थामने के उद्देश्य से भारत ने एक बार फिर सहयोग का हाथ बढ़ाया है। मंगलवार को भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा को 500 लीटर ‘टेक्निकल मैलाथियान’ कीटनाशक रसायन की खेप सौंपी। यह सहायता ऐसे समय में पहुंचाई गई है, जब श्रीलंका के अनेक अस्पतालों में डेंगू वार्ड अब भी मरीजों से पूरी तरह भरे हुए हैं।

उच्चायुक्त संतोष झा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के जरिए इस राहत सामग्री के हस्तांतरण की पुष्टि की। उन्होंने व्यक्त किया कि डेंगू संक्रमण से मुकाबला कर रहे श्रीलंका को भारत हरसंभव समर्थन दे रहा है। भारत सरकार तथा वहां के नागरिकों की ओर से प्रदान की गई यह 500 लीटर मैलाथियान सहायता श्रीलंका में जारी डेंगू रोधी छिड़काव और नियंत्रण कार्यक्रमों को गति प्रदान करेगी।

यद्यपि हाल के दिनों में श्रीलंका में डेंगू के दैनिक मामलों में कमी दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, एक समय जो दैनिक संक्रमण के मामले 1,000 के करीब पहुंच गए थे, वे अब कम होकर लगभग 500 रह गए हैं। फिर भी चिकित्सा व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। समाचार पत्र ‘डेली मिरर’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई सरकारी अस्पतालों के डेंगू वार्डों में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हैं। गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (जीएमओए) के सचिव प्रभात सुगतदासा ने कहा कि संक्रमण के चरम दौर की तुलना में भीड़ थोड़ी कम जरूर हुई है, परंतु अस्पतालों में इलाज के लिए आ रहे लोगों का बड़ा आंकड़ा अभी भी गंभीर चिंता का विषय है।

भारत लंबे समय से श्रीलंका के विकास और आपात जरूरतों में एक विश्वसनीय साझेदार रहा है। 27 जुलाई को जारी वक्तव्य में संतोष झा ने बताया था कि श्रीलंका के सभी 25 जिलों में फैली विभिन्न परियोजनाओं के लिए भारत का कुल सहयोग 7.5 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है।

भारतीय उच्चायोग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस कुल सहयोग में 850 मिलियन डॉलर से अधिक का सीधा अनुदान सम्मिलित है। इन कल्याणकारी परियोजनाओं के माध्यम से श्रीलंका के आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, रेल परिवहन तथा आजीविका के क्षेत्रों में व्यापक और सकारात्मक बदलाव आए हैं।

इसी कड़ी में 14 जुलाई को भारतीय उच्चायुक्त और श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव अनिल जासिंघे ने एक अन्य महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत आपदा-संभावित क्षेत्र से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किए जा रहे देनियाया बेस अस्पताल को चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित करने के लिए भारत सरकार 600 मिलियन श्रीलंकाई रुपये की अनुदान राशि प्रदान कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए तीन साल की समयसीमा तय की गई है।

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