कोलंबिया में 7.4 की तीव्रता वाले भूकंप से भारी तबाही, 111 की मौत; हवाई सेवाएं ठप

सोमवार को पश्चिमी कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के जबरदस्त भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 111 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकाल लागू कर दिया है, ताकि राहत एवं बचाव अभियानों के लिए आवश्यक संसाधन बिना किसी विलंब के मुहैया कराए जा सकें।
राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला के अनुसार, इस आपदा से करीब 1,575 रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण छह हवाई अड्डों पर कमर्शियल फ्लाइट्स की आवाजाही को एहतियातन रोक दिया गया है। राष्ट्रपति स्वयं जल्द ही आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा करेंगे।
कोलंबियन जियोलॉजिकल सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप का आगमन स्थानीय समय के अनुसार सुबह 7:34 बजे हुआ। इसका केंद्र चोको प्रांत के सैन होस डेल पाल्मार के पास जमीन से 96 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कोलंबिया सरकार ने आपदा के प्रभाव से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दी है।
आपदा प्रबंधन तंत्र प्रभावित क्षेत्रों के प्रशासनिक प्रमुखों और स्थानीय निकायों के साथ लगातार तालमेल बना रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर हुए नुकसान की समीक्षा करना और सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी मानवीय सहायता की आपूर्ति को गति देना है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोलंबिया को व्यापक समर्थन मिल रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ‘एक्स’ पर संदेश साझा कर पीड़ितों और साहसी राहतकर्मियों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कोलंबिया को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी संवेदना जाहिर करते हुए कहा कि इस भूकंप के झटके पड़ोसी देश इक्वाडोर तक महसूस किए गए हैं। उन्होंने वैश्विक समुदाय से प्रभावित राष्ट्रों की मानवीय मदद के लिए अपील की। वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्थिति की निरंतर निगरानी करने की बात कहते हुए कोलंबियाई जनता और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।



