ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन नियमों को किया सख्त, उल्लंघन पर जहाज जब्ती की चेतावनी; सेवा शुल्क वसूलने का भी प्रस्ताव
सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात की देखरेख करने वाली ईरानी एजेंसी ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (पीजीएसए) ने रविवार को घोषणा की है कि जो पोत ईरानी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके भविष्य के पारगमन को प्रतिबंधित किया जा सकता है।
पीजीएसए द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दी गई जानकारी के मुताबिक, संभावित दंडात्मक कार्रवाइयों में भारी जुर्माना, जहाज को हिरासत में लेना अथवा उसे पूरी तरह जब्त करना शामिल है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, प्राधिकरण ने फारस की खाड़ी से व्यापार करने वाली सभी लॉजिस्टिक्स कंपनियों और व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे जहाजों को किराए पर लेने से पहले पोर्टल पर गैर-अनुपालन वाले जहाजों के रिकॉर्ड की पुष्टि कर लें, ताकि परिचालन में किसी प्रकार का व्यवधान न आए।
इसके अतिरिक्त, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने रविवार की बैठक में होर्मुज की सुरक्षा से जुड़े मसौदे के एक अहम बिंदु को स्वीकृत कर दिया। समिति के प्रवक्ता हसन कशकावी के हवाले से फार्स समाचार एजेंसी ने बताया कि इस निर्णय के पश्चात ईरान इस समुद्री मार्ग में दी जाने वाली नेविगेशन, पर्यावरण प्रबंधन, विशेष परिस्थितियों में रीफ्यूलिंग, बीमा तथा सुरक्षात्मक सेवाओं के बदले निर्धारित शुल्क लेगा।
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ कैरोलिना के मर्टल बीच में रिपब्लिकन सीनेट प्रत्याशी डार्लीन ग्राहम के चुनावी कार्यक्रम के दौरान इस जलमार्ग को अमेरिका का क्षेत्र बताया था। उन्होंने तेहरान के किसी समझौते के प्रति उत्सुक होने का दावा करते हुए दोहराया था कि ईरान को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई कानूनी आधार स्पष्ट नहीं किया गया था।
ट्रंप का कहना था कि ईरान के साथ टकराव के कारण घरेलू आर्थिक नीतियों पर प्रभाव पड़ा है, फिर भी परमाणु प्रसार को रोकना अनिवार्य प्राथमिकता है। ज्ञात हो कि ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों के बाद, 28 फरवरी से ही ईरान ने इस जलक्षेत्र पर अपना नियंत्रण कड़ा करते हुए अमेरिका व इजरायल से संबंधित जहाजों के सुरक्षित मार्ग पर पाबंदी लागू कर रखी है।



