यूएई के प्रमुख उद्योगपतियों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा और उद्योग क्षेत्र में बड़े निवेश पर बनी सहमति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 सितंबर को दुबई में आयोजित तीन दिवसीय ‘एआईएम कांग्रेस-2026’ के अंतिम दिन यूएई के प्रमुख व्यापारिक घरानों के शीर्ष अधिकारियों के साथ सिलसिलेवार बैठकें कीं। मुख्यमंत्री ने वैश्विक उद्यमियों को मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि देश के मध्य में स्थित होने के कारण यहां से पूरे भारत में उत्पादों की आपूर्ति अत्यंत सुगम और त्वरित है। कुशल मानव संसाधन और सुदृढ़ ऊर्जा तंत्र से परिपूर्ण मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं बताते हुए उन्होंने सभी प्रतिनिधिमंडलों को आगामी ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2027’ में सहभागिता का औपचारिक आमंत्रण दिया।
औद्योगिक बुनियादी ढांचे और नवाचार के क्रम में क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बद्र जाफर ने मुख्यमंत्री से भेंट की। शारजाह आधारित इस समूह के साथ वेयरहाउसिंग, शहरी विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और स्टार्टअप प्रोत्साहन पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तकनीक आधारित उद्यमशीलता को निरंतर बढ़ावा दे रही है, जिस पर श्री जाफर ने ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश की इच्छा जताई।
राज्य को प्रमुख लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए डीपी वर्ल्ड और शराफ ग्रुप के साथ विस्तृत रूपरेखा तय की गई। 80 राष्ट्रों में कार्यरत डीपी वर्ल्ड के सीईओ श्री रिजवान सूमार के साथ पोवारखेड़ा कंपोजिट हब को मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और कोल्ड-चेन गेटवे के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी, जिससे रेल परिवहन के माध्यम से कृषि और एमएसएमई उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया जा सके। वहीं, शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट श्री श्याम कपूर ने इंदौर-पीथमपुर बेल्ट में 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश से रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने की योजना प्रस्तुत की। भारत में 35 मालगाड़ियां और करीब 900 ट्रक संचालित करने वाले इस समूह की इस परियोजना से 300 से 600 नवीन रोजगार अवसर निर्मित होने का अनुमान है।
हरित ऊर्जा और आधुनिक विनिर्माण के विस्तार हेतु राणा होल्डिंग्स के सीएमडी डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी, डेटा सेंटर्स और उन्नत कृषि मशीनरी में निवेश की संभावनाओं को अंतिम रूप दिया गया। इसके साथ ही ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन श्री सिद्धार्थ बालाचंद्रन ने प्रदेश के हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी और तकनीकी बुनियादी ढांचे में अपनी पूंजी लगाने का प्रस्ताव रखा।
जनसुविधाओं, शिक्षा और खुदरा व्यापार के विस्तार पर भी इन बैठकों में ठोस प्रगति हुई। वैश्विक शिक्षा समूह जेम्स एजुकेशन के संस्थापक श्री सनी वर्की ने प्रदेश के शहरी केंद्रों में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले के-12 स्कूल शुरू करने की योजना साझा की, जहां विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खुदरा क्षेत्र के बहुराष्ट्रीय समूह चोइथराम के प्रमुख श्री एल.टी. पगरानी ने बड़े शहरों में सुपरमार्केट व आधुनिक किराना केंद्र खोलने तथा स्थानीय किसानों से खाद्यान्न व प्रसंस्कृत उत्पादों की सीधी खरीद पर सहमति व्यक्त की। अंत में, वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख श्री अमित साइचर के साथ भोपाल और इंदौर में वीजा केंद्रों के विस्तार तथा स्थानीय युवाओं को हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर में रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने पर सहमति बनी।


