विदेश मंत्री एस. जयशंकर यूएनजीए के 81वें सत्र में भाग लेने रवाना, न्यूयॉर्क से पहले स्विट्जरलैंड में हुआ स्वागत

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमवार को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख पहुंचे, जहां से वह न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के हाई-लेवल वीक में हिस्सा लेने आगे बढ़ेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वह भारतीय प्रतिनिधिमंडल की कमान संभालेंगे। इस यात्रा की शुरुआत में ज्यूरिख हवाई अड्डे पर भारतीय राजदूत कुमार ने विदेश मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसकी आधिकारिक जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की गई।
हवाई अड्डे पर मुलाकात के दौरान राजदूत ने विदेश मंत्री को स्विट्जरलैंड और लिकटेंस्टीन के संदर्भ में हालिया कूटनीतिक गतिविधियों की जानकारी दी। भारतीय दूतावास ने बताया कि इस बैठक में दोनों देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों और हाल के उच्च-स्तरीय दौरों पर चर्चा की गई। न्यूयॉर्क में जयशंकर के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि 81वीं महासभा के इस महत्वपूर्ण सत्र को वह 26 सितंबर को संबोधित करेंगे।
जयशंकर का यह अमेरिकी दौरा एक संवेदनशील कूटनीतिक मोड़ पर हो रहा है। अमेरिका में हाल ही में पारित एक कानून के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन मुल्कों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की शक्तियां मिल गई हैं, जो रूस से बड़े पैमाने पर तेल व गैस की खरीद कर रहे हैं। अमेरिकी संसद द्वारा पारित किए जाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप इस पाबंदी संबंधी विधेयक पर दस्तखत कर चुके हैं।
इस नए कानून के जवाब में भारत सरकार ने अपनी ऊर्जा संप्रभुता पर दृढ़ता दिखाई है। विदेश मंत्रालय ने इस संदर्भ में वक्तव्य जारी कर कहा कि देश अपने 1.4 अरब नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है और बाजार की स्थितियों के अनुकूल विभिन्न स्रोतों से खरीद का सिलसिला बना रहेगा। इस कूटनीतिक पृष्ठभूमि में विदेश मंत्री की संयुक्त राष्ट्र यात्रा कई देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों से मिलकर द्विपक्षीय व बहुपक्षीय हितों को आगे बढ़ाने का अहम मंच बनेगी।



