मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोलार मार्ग, सलैया और छोला दशहरा मैदान में दशहरा उत्सव कार्यक्रमों में शामिल हुए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष शस्त्र पूजन की परम्परा के निवर्हन में राज्य सरकार सहभागी हुई है। हमारी संस्कृति में शास्त्रों के साथ सदैव शस्त्रों की पूजा की गई है। हमारे शस्त्र कमजोर नहीं होने चाहिएं। दशहरा उत्सव सत्य की विजय का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्व और त्यौहार में अंतर होता है। नवरात्रि पर्व, जन्माष्टमी पर्व और रामनवमी पर्व पर उपवास रखते हुए आराधना होती है। यह पर्व मंगल तिथियों के आधार पर आते हैं। त्यौहार उत्सव का प्रतीक हैं, जिसमें रूचि अनुसार आहार ग्रहण होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुभकामना और मंगलकामना में भी अंतर है। परीक्षा में सफलता, अच्छी यात्रा और मकान बनने पर शुभकामना दी जा सकती है। त्यौहारों पर मंगलकामनाएं और बधाई देना उचित होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित नागरिकों को विजयादशमी, आने वाले दीपावली और अन्य त्यौहारों के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। अनेक पीढ़ियां अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का स्वप्न देखते हुए चली गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिति द्वारा निर्मित रावण के विशाल पुतले के आकल्पन की सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोलार हिन्दू उत्सव समिति द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्पोर्टस काम्पलेक्स में आयोजित दशहरा उत्सव कार्यक्रम में पहुंचे। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा भी उपिस्थत थे। क्षेत्रीय विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ.यादव का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में खेल स्टेडियम और सिक्स लेन मार्ग की सौगात नागरिकों को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शीघ्र ही इन नई सुविधाओं का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि भगवान राम के आदर्श समाज के लिए आज भी उपयोगी हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में भगवान श्रीराम के स्वरूप की आराधना की। प्रख्यात गायक श्री अनूप जलोटा भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री जलोटा को भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में श्री सुमित पचौरी, श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति, श्री महेश मीणा, श्री जय नारायण चौकसे आदि उपस्थित थे।



