मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसएफसी एनर्जी का किया भ्रमण

जर्मनी के म्यूनिख शहर में गुरुवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतवंशियों एवं प्रवासी समुदाय “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के साथ एक अनूठा संवाद किया। भाषणों और औपचारिकताओं को पीछे छोड़ते हुए, उन्होंने सहज, दोस्ताना और सारगर्भित चर्चा कर उन्होंने सभी को भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा। भारतीय संस्कृति के अनुरूप प्रारंभ हुए कार्यक्रम में प्रत्येक भारतवंशी को देशभक्ति और देशप्रेम से सराबोर कर दिया।

संस्कृति और संवाद: भारतीयता का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता उसका समावेशी और सकारात्मक दृष्टिकोण है। उन्होंने इसे इस तरह परिभाषित किया कि भारत में “परेशानी में आनंद ढूंढने की कला” और “सभी को साथ लेकर चलने की परंपरा” है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी को भारत का करीबी बताते हुए कहा कि जर्मनी भी सत्य, संस्कृति और ज्ञान का सारथी है। यही कारण है कि दोनों देशों के विचार और मूल्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

“फ्रेंड्स ऑफ एमपी” का भारतीय रंग

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की तस्वीर पर माल्यार्पण और राष्ट्रगान के साथ हुई। तिरंगे झंडे के सम्मान और दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुए कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की झलक हर कोने में दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 लाख से अधिक भारतवंशियों और 35 हजार से अधिक भारतीय छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व जताया, जो जर्मनी में शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल कायम कर रहे हैं।

रात्रि भोज पर संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतवंशियों के साथ रात्रि भोज के दौरान खुलकर संवाद किया। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए भारतीय समुदाय को प्रोत्साहित किया कि वे जर्मनी में रहते हुए भी अपनी जड़ों से जुड़े रहें। यह आयोजन भारतीयता के गौरव, परंपरा और आधुनिकता के समन्वय का प्रतीक बना।

डॉ. यादव के इस विशेष प्रयास ने “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के मंच को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आत्मीय और प्रेरक अनुभव में बदल दिया, जहां भारतीय प्रवासियों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से फिर से जुड़ने का अवसर मिला।

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