किसानों को MSP का लाभ सुनिश्चित! म.प्र. में सोयाबीन भावांतर योजना का 10 अक्टूबर से पंजीयन

मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन भावांतर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिसका पंजीयन 10 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। भावांतर की अवधि 1 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, और राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को इस मूल्य का पूरा लाभ मिले। उन्होंने कहा कि जिस तरह धान और गेहूं के किसानों को लाभ मिला, उसी तरह सोयाबीन उत्पादकों को भी परिश्रम की कीमत मिलेगी।
डॉ. यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारीगण ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाएँ ताकि कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे। भावांतर योजना के तहत, यदि किसान की उपज का विक्रय मूल्य MSP से कम रहता है, तो MSP (₹5328) और मंडी के मॉडल भाव के बीच के अंतर की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में (DBT) ट्रांसफर की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर व्यवस्थाएं बनाई जाएँ और इसकी विशेषताओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी सोशल मीडिया सहित सभी माध्यमों का उपयोग कर प्रचार में सहयोग की अपील की।


