“किसानों की हर कठिनाई में सरकार उनके साथ है”: डॉ. मोहन यादव, 23 लाख किसानों को ₹1802 करोड़ की राहत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अन्नदाताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि सरकार उनकी हर कठिनाई में उनके साथ है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस साल अतिवृष्टि, बाढ़, और कीट प्रकोप (पीला मोजैक) ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया, जिससे उन्हें जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति की भी पीड़ा झेलनी पड़ी।
डॉ. यादव ने ज़ोर देकर कहा, “हमारी सरकार किसानों की सरकार है। किसानों का दु:ख पूरे प्रदेश का दु:ख है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने ऐसे कठिन हालातों में किसानों को संबल देने में कोई कमी नहीं रखी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अतिवृष्टि, बाढ़ और कीट प्रकोप से फसल/मकान क्षति की परेशानी झेल रहे प्रदेश के 23 लाख 81 हजार से अधिक किसानों को अब तक लगभग 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। आरबीसी 6(4) के तहत दी गई यह मदद किसानों को दोबारा खड़े होने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुई है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह राशि गत वित्त वर्ष 2023-24 में बांटी गई $660.57$ करोड़ रुपए की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है, जो किसानों के प्रति सरकार की तत्परता को दर्शाता है। कुल $1802$ करोड़ रुपए में से $1623.51$ करोड़ रुपए फसल हानि (23,81,104 प्रभावित किसानों को) और $178.45$ करोड़ रुपए अन्य प्राकृतिक आपदा क्षतियों की पूर्ति के लिए दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने किसानों के कल्याण के लिए उठाए गए अन्य कदमों को भी गिनाया, जिनमें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी, बिजली, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, फसलों पर समर्थन मूल्य और फसल बीमा की राशि का समय पर अंतरण शामिल है। इन प्रयासों से प्रदेश के किसान भाइयों के मन में एक नई उम्मीद और विश्वास पैदा हुआ है।



