मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं: ‘मुलताई’ अब ‘मूलतापी’ कहलाएगा; बैतूल में खुलेगा देश का पहला पीपीपी मेडिकल कॉलेज

बैतूल: जनजातीय बहुल बैतूल जिले के निवासियों को अब गंभीर इलाज के लिए नागपुर या भोपाल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल में एक आधुनिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की आधारशिला रखी है। यह अस्पताल आने वाले समय में 1000 बेड की क्षमता वाला होगा, जहाँ गरीबों को मुफ्त और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में भारी कमी आई है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 5 से बढ़कर 33 हो गई है और जल्द ही यह 50 के पार पहुँच जाएगी। मुख्यमंत्री ने ताप्ती नदी के संरक्षण के लिए महाराष्ट्र के साथ मिलकर 70 हजार करोड़ की योजना और केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसे बड़े कदमों का भी उल्लेख किया, जिससे क्षेत्र के किसानों और आम जन को सीधा लाभ मिलेगा।
बैतूल में आयोजित भव्य समारोह के मुख्य अंश:
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बड़ी घोषणा: मुलताई का नाम बदलकर अब मूलतापी किया गया।
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मेडिकल कॉलेज: पीपीपी मॉडल पर आधारित देश के पहले मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास।
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विकास बजट: 383 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण।
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औद्योगिक विकास: बैतूल में गुड़ और वुडन क्लस्टर के साथ मुलताई में इंडस्ट्रियल क्लस्टर की स्थापना होगी।
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स्वास्थ्य क्रांति: एमपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 33 हुई; आयुष्मान योजना के तहत बुजुर्गों को भी 5 लाख तक का मुफ्त इलाज।
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श्रद्धांजलि: 25 दिसंबर को अटल जी की जयंती पर ग्वालियर में 2 लाख करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। क्षेत्रीय विधायकों ने इसे बैतूल के इतिहास का स्वर्णिम दिन बताया।



