हाइब्रिड मोड में जुटी दुनिया: जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका और ग्रीस के विशेषज्ञ IEHE की इंटरनेशनल सेमिनार में शामिल

भोपाल: वाणिज्य और प्रबंधन के क्षेत्र में आ रहे डिजिटल बदलावों पर चर्चा करने के लिए भोपाल का IEHE एक वैश्विक मंच बन गया है। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में जर्मनी, ग्रीस, नेपाल और दक्षिण अफ्रीका के शोधकर्ता हाईब्रिड (प्रत्यक्ष और ऑनलाइन) माध्यम से सहभागिता कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के प्रमुख विचार:
-
डिजिटल रूपांतरण: भारतीय लेखा संघ के अध्यक्ष डॉ. एम. जयप्पा ने ‘आँकड़ा-आधारित निर्णय’ और ‘नैतिक नेतृत्व’ को आधुनिक प्रबंधन की कुंजी बताया।
-
दृश्य-पटल युग: गुजरात विश्वविद्यालय के डॉ. गुरुदत्त पी. जपी ने कहा कि हम सूचना युग से निकलकर ‘विजुअल एरा’ में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सूचना प्रदूषण (Information Pollution) की चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
-
पंजीयन: संगोष्ठी संयोजक डॉ. शारदा गंगवार ने बताया कि कुल 450 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जो विभिन्न तकनीकी सत्रों में अपने शोध-पत्र पढ़ रहे हैं।
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में आयोजित संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों पर गंभीर चर्चा की। भारतीय लेखा संघ भोपाल के अध्यक्ष डॉ. एस. एस. विजयवर्गीय ने एआई (AI) के कारण वाणिज्य क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों को रेखांकित किया।
संगोष्ठी की मुख्य झलकियाँ:
-
कौशल विकास: वक्ताओं ने पारंपरिक शिक्षा के बजाय कौशल-आधारित रोजगार की आवश्यकता पर बल दिया।
-
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति: नेपाल की नॉवेल अकादमी के सीईओ डॉ. बिशेश्वर आचार्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
-
सहभागिता: प्रशासनिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंघई ने बताया कि संगोष्ठी के पहले दिन शोधार्थियों ने प्रत्यक्ष और आभासी दोनों माध्यमों से अपने विचार साझा किए।



