एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि; बोले- ‘स्वतंत्रता तभी सार्थक, जब संस्कृति की अभिव्यक्ति बने’

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को लालघाटी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंडित जी के ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ के सिद्धांतों को भारत की सनातन विचारधारा का आधुनिक स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया साम्यवाद और समाजवाद के बीच उलझी थी, तब दीनदयाल जी ने समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ हमारी सांस्कृतिक विरासत की निरंतरता में निहित है। उन्होंने पंडित जी को एक महान संगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक के रूप में याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी एक सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणापुंज हैं।



