सामूहिक विवाह फिजूलखर्ची रोकने का उत्तम माध्यम, बदलते दौर में सोच बदलना जरूरी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

छतरपुर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को बागेश्वर धाम में आयोजित 7वें सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 300 नव-दंपतियों को आशीर्वाद देते हुए समाज से शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची और दिखावे को बंद करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह न केवल मितव्ययिता का संदेश देते हैं, बल्कि इससे होने वाली बचत परिवार के भविष्य के लिए उपयोगी साबित होती है।

मुख्यमंत्री ने अपना व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं अपने पुत्र का विवाह उज्जैन में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से किया है। उन्होंने कहा कि विवाह जीवन के 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण है, जो धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की राह दिखाता है। डॉ. यादव ने घोषणा की कि सामूहिक विवाह में बंधे जिन भी युवक-युवतियों को रोजगार की आवश्यकता होगी, सरकार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

इस दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘श्रीकृष्ण का वंशज’ बताया और गौ-सेवा व महाकाल लोक के निर्माण में उनके योगदान को सराहा। कार्यक्रम में खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, राज्यमंत्री लखन पटेल और दिलीप अहिरवार सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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