चेटीचंड का पर्व जागृत रखता है अखंड भारत का सपना, सुशासन के लिए सम्राट विक्रमादित्य हमारे प्रेरणा स्रोत: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के टावर चौक पर सिंधी समाज द्वारा आयोजित चेटीचंड महापर्व के चल समारोह का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चेटीचंड का पावन पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हर भारतीय के हृदय में ‘अखंड भारत’ की स्मृति और संकल्प को भी जीवित रखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे सामाजिक उत्सव आपसी प्रेम, भाईचारे और आत्मीयता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं।

सुशासन और वीरता का संगम मुख्यमंत्री ने महान सम्राट विक्रमादित्य को याद करते हुए कहा कि उनकी न्यायप्रियता, वीरता और दानशीलता आज भी शासन के लिए आदर्श है। वर्तमान सरकार उन्हीं के पदचिह्नों पर चलकर सुशासन के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। डॉ. यादव ने विक्रम संवत 2083 के आगमन पर बाबा महाकाल की नगरी से समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी आगामी सिंहस्थ-2028 की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार इस दिव्य आयोजन के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य कर रही है, जिससे उज्जैन को वैश्विक पटल पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलेगी। उन्होंने विकास के इन कार्यों में नागरिकों से सहयोग का आह्वान भी किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button