उज्जैन बनेगा वैश्विक औद्योगिक और धार्मिक केंद्र; शिप्रा तट पर बनेंगे 30 किमी लंबे नए घाट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमोत्सव-2026 के मंच से उज्जैन के भविष्य का रोडमैप साझा किया। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत मां शिप्रा के तट पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नए घाट विकसित किए जा रहे हैं। बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए शहर को जोड़ने वाले सभी मार्गों को फोरलेन और सिक्सलेन में बदला जा रहा है।
आर्थिक प्रगति के नए आयाम:
-
औद्योगिक विस्तार: 12,500 एकड़ भूमि का विकास पूर्ण, 5,000 एकड़ में नया पार्क प्रस्तावित।
-
कनेक्टिविटी: तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए एयर कनेक्टिविटी और हेलीकॉप्टर सेवाओं की योजना।
-
साहित्यिक विमोचन: मुख्यमंत्री ने विक्रम पंचांग 2083, कला पंचांग और ’84 महादेव’ सहित वीर भारत न्यास के कई महत्वपूर्ण मोनोग्राफ का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की वीरता और दानशीलता आज भी हमारे प्रशासनिक आदर्शों की प्रेरणा है। उज्जैन अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और औद्योगिक पहचान का वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।



