छोटे किसानों को भुगतान में प्राथमिकता और हर घर शुद्ध जल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सख्त निर्देश

प्रदेश के किसानों और आम जन के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन और पेयजल व्यवस्था की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गेहूं खरीदी केंद्रों पर छोटे किसानों का अनाज पहले खरीदा जाए और उन्हें 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1.13 लाख किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है और 355 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में पेयजल की कोई किल्लत नहीं होनी चाहिए। जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाए। साथ ही, 19 मार्च से शुरू हुए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को 30 जून 2026 तक प्रभावी ढंग से चलाने और पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने पर बल दिया गया।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 अप्रैल को भोपाल में एक विशाल ‘महिला सशक्तिकरण सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर की महिलाएं शामिल होंगी।



