किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार के फैसले: गेहूं खरीदी लक्ष्य बढ़ा, स्लॉट बुकिंग 9 मई तक खुली

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 अप्रैल, शुक्रवार को प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उनके लिए परिवार के समान है और जनता के सुख-दुख में उनकी सहभागिता है। इस दौरान उन्होंने गेहूं खरीदी और अन्य कृषि योजनाओं को लेकर नई घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस प्रगति में किसानों का योगदान महत्वपूर्ण है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि राज्य में इस वर्ष रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन हुआ है, जिसके मद्देनजर केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। इसके परिणामस्वरूप गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। उन्होंने इसे किसानों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया और केंद्र सरकार का आभार जताया।
किसानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग अब सभी किसानों के लिए खोल दी गई है। खरीदी प्रक्रिया सप्ताह में छह दिन संचालित होगी और शनिवार को भी कार्य जारी रहेगा। इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग की अवधि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई तक कर दी गई है।
भूमि अधिग्रहण को लेकर उन्होंने कहा कि अब किसानों को उनकी जमीन के बदले चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने इसे किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया। इसके साथ ही सिंचाई, फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार पर भी सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने राज्य को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लक्ष्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नई दुग्ध समितियों के गठन और बढ़ते संग्रह के चलते दूध उत्पादन में वृद्धि हुई है। किसानों को दूध के बेहतर दाम मिल रहे हैं और अब तक 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
अंत में उन्होंने बताया कि कृषक मित्र योजना के तहत किसानों को सोलर पंप पर 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। उड़द और सरसों की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं। साथ ही, किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों को पांच रुपये में कृषि पंप कनेक्शन और दिन के समय सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।



