डोनाल्ड ट्रंप का दावा: आईएईए की गवाही में नष्ट किया जाएगा ईरान का संवर्धित यूरेनियम, अमेरिका को सौंपी जाएगी सामग्री

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका को सौंपे जाने के बाद पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर दी जानकारी में स्पष्ट किया कि परमाणु डस्ट को नष्ट करने का काम घटनाक्रम के स्थान पर या किसी अन्य निर्धारित जगह पर अंजाम दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस संवेदनशील कार्य को पूरा करने के दौरान परमाणु ऊर्जा आयोग या उसके समकक्ष कोई वैश्विक संस्था आधिकारिक गवाह के रूप में अनिवार्य रूप से मौके पर मौजूद रहेगी।

विदेशी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि ईरान के पास इस समय कितनी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम मौजूद है। आईएईए पूर्व में भी तय नियमों के तहत ईरान की परमाणु परियोजनाओं की कड़ी निगरानी करती रही है। ट्रंप ने अपने बयान में दो विकल्पों की बात कही है; पहला यह कि यूरेनियम को तुरंत अमेरिका लाकर नष्ट किया जाए, या फिर ईरान के इस्लामिक गणराज्य की आपसी सहमति से उसे ईरान में ही या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर नष्ट कर दिया जाए।

वहीं, इस मामले पर ईरान की ओर से सख्त रुख सामने आया है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने सोमवार को ही एक रिपोर्ट जारी कर साफ कर दिया कि तेहरान अपनी परमाणु सामग्री को देश से बाहर भेजने के पक्ष में बिल्कुल नहीं है। इस बयान के साथ ही ईरान ने सऊदी अरब के ‘अल हदथ’ चैनल की उस रिपोर्ट को झूठा करार दिया, जिसमें यह दावा किया गया था कि ईरान उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम को बाहर भेजने पर राजी हो गया है।

ईरानी मीडिया ‘तस्नीम’ के अनुसार, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच किसी भी प्रकार के संभावित समझौते (एमओयू) की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। एजेंसी ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में उपलब्ध एमओयू के किसी भी ड्राफ्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत ईरान अपनी परमाणु सामग्री को बाहर भेजने को तैयार हो। ईरान ने ऐसी किसी भी परमाणु कार्रवाई की जिम्मेदारी या प्रतिबद्धता स्वीकार नहीं की है।

इसी घटनाक्रम के बीच, ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने सोमवार को एक ईरानी अधिकारी के बयान के आधार पर दावा किया कि दोनों देशों के बीच एक संभावित समझौते पर बातचीत चल रही है। इस समझौते के पहले चरण में अमेरिका द्वारा ईरान की जब्त की गई 12 अरब डॉलर की धनराशि को मुक्त किया जाना है। इसके अतिरिक्त होर्मुज स्ट्रेट से बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू किया जाएगा और ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। हालांकि, इस ईरानी अधिकारी ने यह भी स्पष्ट रेखा खींच दी है कि इस पूरी प्रक्रिया में कोई भी परमाणु संधि या समझौता शामिल नहीं है।

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