गीता जयंती पर CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा संदेश: “गीता ज्ञान संपूर्ण सृष्टि की चेतना का आधार”

गीता जयंती पर CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा संदेश: “गीता ज्ञान संपूर्ण सृष्टि की चेतना का आधार”
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गीता महोत्सव का शुभारंभ: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रवीन्द्र भवन, भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का विधिवत् शुभारंभ किया।
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गीता का महत्व: मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता अद्भुत, अनुपम ग्रंथ है, जिसके अध्ययन से जीवन की सभी जिज्ञासाओं का समाधान हो जाता है। उन्होंने कर्मयोग, निष्काम कर्म और स्वधर्म पालन को मोक्ष का मार्ग बताया।
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रिकॉर्ड तोड़ आयोजन: गीता जयंती के अवसर पर 11,000 भक्तों/विद्यार्थियों ने एक साथ श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सुमधुर पाठ किया।
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नया कीर्तिमान: मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार प्रदेश के सभी 55 जिलों और 313 विकासखंडों में 3 लाख से अधिक गीता पाठियों के सामूहिक पाठ से एक अद्वितीय रिकॉर्ड बनेगा।
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श्रीकृष्ण की शिक्षा: उन्होंने याद दिलाया कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की और उनकी सुदामा से मित्रता हमें बचपन के मित्रों को न भूलने की सीख देती है।
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विकास योजना: राज्य सरकार श्रीकृष्ण लीलाओं से जुड़े स्थानों को तीर्थस्थल के रूप में विकसित कर रही है और हर नगरीय निकाय में ‘गीता भवन’ तैयार किए जा रहे हैं।
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आकर्षण: महोत्सव में पहली बार एआई आधारित संगीत नाट्य ‘कृष्णायन’ और दिव्यांग कलाकारों की ‘गीता ऑन व्हील्स’ प्रस्तुति हो रही है।
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उपस्थिति: मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, श्रीमती कृष्णा गौर, श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित अनेक संतगण और गीता पाठी उपस्थित रहे।



